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आईटीसी की मंगलदीप अगरबत्ती ने महाशिवरात्रि के अवसर काशी के बाबा विश्वनाथ को समर्पित की अनूठी भेंट
February 20, 2020 • SRISHTI SHARMA • बिज़नेस

            

आईटीसी की मंगलदीप अगरबत्ती ने महाशिवरात्रि के अवसर काशी के बाबा विश्वनाथ को समर्पित की अनूठी भेंट

नई दिल्ली  : आईटीसी के अगरबत्ती ब्रांड मंगलदीप ने भगवान बाबा विश्वनाथ को समर्पित करते हुए बहुत विशेष 'मंगलदीप टेंपल – बाबा विश्वनाथ अगरबत्ती पैक को लांच करने के लिए आईटीसी ई-चौपाल पहल के तहत वाराणसी के श्री काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट और चंदौली गांव की स्थानीय महिलाओं से हाथ मिलाया है। ‘मंगलदीप टेंपल – बाबा विश्वनाथ अनूठी अगरबत्तियों का पैक है, जिसमें बाबा विश्वनाथ को चढ़ाए जाने वाले फूलों का प्रयोग किया जाता है। इसमें भगवान विश्वनाथ का पसंदीदा चढ़ावा माने जाने वाले धतूरा और कमल की सुगंध का प्रयोग किया गया है।

इन अगरबत्तियों को चंदौली की स्थानीय महिलाएं प्रेम एवं भक्ति के साथ अपने पूज्य बाबा विश्वनाथ के लिए बनाती हैं। काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट के सहयोग ने इस अगरबत्ती को और विशेष बना दिया है तथा इसके हर पैक पर मंदिर का लोगो भी लगा रहता है। आईटीसी हर पैक की बिक्री पर एक निश्चित राशि (इसका उल्लेख हर पैक पर किया गया है) बाबा विश्वनाथ मंदिर में अर्पित करते हुए लोगों की कुशलता की प्रार्थना करेगी। मंगलदीप टेंपल – बाबा विश्वनाथ अगरबत्ती के पैक को हाल ही में उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ ने भक्तों को समर्पित किया था।

इसके अतिरिक्त, मंगलदीप भगवान शिव के भक्तों के लिए वाराणसी के अस्सी घाट पर विशाल शिवलिंग की स्थापना भी कर रही है। आधार से इसकी ऊंचाई 8 फीट और चौड़ाई 6 फीट है। इसे 21 फरवरी, 2020 को महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर स्थापित किया जाएगा। इसे पूरी तरह क्लोथ-फैब्रिकेटेड गुलाबी कमल और सफेद धतूरे के फूलों से ढंका जाएगा।

इस अवसर पर आईटीसी के माचिस एवं अगरबत्ती कारोबार के डिवीजनल चीफ एक्जीक्यूटिव श्री रवि रायवरम ने कहा, "भगवान शिव के लाखों भक्तों के लिए महाशिवरात्रि का बहुत गहरा महत्व होता है। गंगा के घाट पर इस शिवलिंग को स्थापित करना इस उत्सव के उत्साह का बढ़ाने की दिशा में हमारा एक प्रयास है। यह निश्चित तौर पर सभी भक्तों को प्रेरित करेगा। काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट के सहयोग का मंगलदीप ब्रांड आभारी है और हम उनके भरोसे व सहयोग के लिए धन्यवाद करते हैं। इस अनूठी अगरबत्ती के जरिये मंगलदीप भक्तों को दिव्यता एवं घर में ही मंदिर का अनुभव देगी।"

भक्तों को इसकी दिव्य सुगंध के अनुभव के लिए अस्सी घाट पर भी ‘मंगलदीप टेंपल – बाबा विश्वनाथ अगरबत्ती को जलाने की अनुमति होगी। बाबा विश्वनाथ मंदिर स्टोर से भी भक्त इस अगरबत्ती को खरीद सकेंगे।

 अगरबत्ती कारोबार एफएमसीजी सेक्टर में विकास को गति देने वाले विभिन्न मानकों पर आगे बढ़ने की आईटीसी की कारोबारी रणनीति का आंतरिक हिस्सा है। जबर्दस्त प्रोडक्ट पोर्टफोलियो और डिस्ट्रीब्यूशन पहुंच के दम पर यह कारोबार लगातार प्रगति कर रहा है। आईटीसी 2003 से ही छोटी और कॉटेज इकाइयों से अगरबत्तियों की खरीद कर रही है। इसने देश में 10,000 से ज्यादा लोगों के लिए आजीविका की व्यवस्था की है, जिनमें से ज्यादातर समाज के गरीब तबके से जुड़े हैं। आईटीसी अपने मंगलदीप ब्रांड के तहत बांस से अगरबत्ती निर्माण तक की एक वैल्यू चेन भी स्थापित कर रही है, जिससे बांस की खेती को प्रोत्साहन मिलेगा और इसके आयात में कटौती संभव होगी। देशभर में आईटीसी की डिस्ट्रीब्यूशन एवं मार्केटिंग, ब्रांड की प्रसिद्धि, सप्लाई चेन मैनेजमेंट, अच्छी गुणवत्ता के गत्ते बनाने और बेहतरीन पैकिंग की मजबूत क्षमता का भरपूर लाभ लेते हुए फ्लैगशिप ब्रांड मंगलदीप के तहत भारतीयों को उच्च गुणवत्ता की अगरबत्ती दी जा रही है। आर्थिक, सामाजिक और पर्यावरण की दिशा में काम करने के आईटीसी के मूल सिद्धांत के अनुरूप मंगलदीप ब्रांड के तहत कई प्रसिद्ध मंदिरों के साथ मिलकर उनके परिसर में जुटने वाले ऑर्गेनिक कचरे से बायोगैस व खाद बनाने का काम किया जा रहा है। आईटीसी के मिशन सुनहरा कल के तहत चलने वाली इस पहल ‘मंगलदीप ग्रीन टेंपल' के साथ तमिलनाडु में 4 मंदिर जुड़ चुके हैं।