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ड्रीम स्टार्टअप चैलेंज की शुरुआत, पहले मेंटरशिप सेशन में फंडरेजिंग के मिले टिप्स
November 20, 2019 • SRISHTI SHARMA

ड्रीम स्टार्टअप चैलेंज की शुरुआत, पहले मेंटरशिप सेशन में फंडरेजिंग के मिले टिप्स

भोपाल। सीआईआई-यंग इंडिया के द्वारा एवं एआईसी-आरएनटीयू के सहयोग से ड्रीम स्टार्टअप चैलेंज के पांचवें संस्करण का आयोजन किया जा रहा है। इसके तहत स्टार्टअप्स से एंट्रीज आमंत्रित की गई थीं जिसमें विभिन्न क्षेत्रों के अलग अलग विषयों पर कार्य कर रहे करीब 109 स्टार्टअप्स ने एंट्रीज भेजी। इसमें से 48 स्टार्टअप्स शॉर्टलिस्ट किए गए और अंतिम रूप से 18 स्टार्टअप्स को चुना गया है जिन्हें 2 माह तक मेंटरशिप दी जा रही है। इसमें स्टार्टअप टीम्स को स्टार्टअप इकोसिस्टम से जुड़े सभी पहलुओं पर विषय विशेषज्ञ द्वारा जानकारी दी जाएगी। मेंटरशिप सत्रों के बाद चयनित स्टार्टअप्स को देशभर के इंवेस्टर्स के सामने अपने स्टार्टअप को रखने का मौका मिलेगा।

इसके साथ ही सीआईआई के दफ्तर में मेंटरशिप सत्र की शुरुआत की गई है। पहले मेंटरशिप सत्र में बीहाइव केपिटल एडवाइजर लिमिटेड के फाउंडर भूषण वी. गजरिया ने फंड जुटाने और स्टार्टअप्स के लिए उपलब्ध संसाधन विषय पर बात की। इसमें उन्होंने बताया कि इंवेस्टमेंट कब लेनी चाहिए और किस टाइप के इंवेस्टर से ले सकते हैं। उन्होंने बताया कि तीन टाइप के इंवेस्टर होते हैं – एंजेल, वेंचर और सीड इंवेस्टर। इन तीनों तरह के इंवेस्टर्स की स्टडी की जानी चाहिए क्योंकि प्रत्येक इंवेस्टर स्टार्टअप्स के अलग-अलग स्टेज में फंडिंग देता है। साथ ही उन्होंने कहा कि स्टार्टअप्स को यह जरूर ध्यान रखना चाहिए कि किस लेवल पर कितनी इंवेस्टमेंट लेनी और उसका उद्देश्य क्या किया जाएगा। इसके अलावा भूषण वी. गजरिया ने कहा कि स्टार्टअप मेंबर्स को एक लाइन में अपने स्टार्टअप के बारे में बताना आना चाहिए।

कार्यक्रम में सीआईआई के वाइस प्रेसिडेंट सिद्धार्थ चतुर्वेदी ने ड्रीम स्टार्टअप चैलेंज का परिचय दिया और बताया कि सीआईआई-यंग इंडियन्स द्वारा ड्रीम स्टार्टअप चैलेंज का पांचवा संस्करण आयोजित किया जा रहा है। इसमें एआईसी-आरएनटीयू पार्टनर है। इसमें चुने हुए स्टार्टअप्स को स्टार्टअप इकोसिस्टम के हर पहलू से परिचित कराया जाता है जिससे वे अपने स्टार्टअप को नए लेवल पर ले जा सकें और फंडरेजिंग में आसानी हो। इसके अलावा ड्रीम स्टार्टअप चैलेंज भी मेंटरशिप सेशन के बाद स्टार्टअप्स को फंडरेजिंग का मौका देता है जहां देश के जाने माने इंवेस्टर्स शिरकत करते हैं। 

चयनित स्टार्टअप्स

1 माय अर्थ एंटरप्राइज – विभिन्न ब्रांड्स के लिए जींस मैन्यूफेक्चरिंग और ड्रोन्स से डिलिवरी की शुरुआत

फाउंडर - अंकित यादव

2 स्किल सेन्स – नवीं क्लास के छात्र वीर दोशी द्वारा स्कूली बच्चों के सिक्ल डेवलपमेंट के लिए कोर्सेस तैयार किए।

फाउंडर - वीर दोशी

3 तुसेवा – डेटा एनालिटिक सर्विस कम्पनी ऑटोमोबाइल सेक्टर में काम करती है।

फाउंडर - आकाश सोनाकिया

4 सौविद्यम कंस्ट्रक्शन – इंटरलॉकिंग इंट बनाई है जो बिना सीमेंट के इस्तेमाल से स्ट्रक्चर बना सकते हैं।

फाउंडर - शशांक सिंह

5 स्पोर्टेनिक्स हेल्थ टेक प्राइवेट लिमिटेड –

फाउंडर - सुमंत एस. कुलश्रेष्ठ

6 हरितिमा फूड प्रोडक्ट – असम की हैंडमेड चाय को डिफरेंट फ्लेवर्स में तैयार करते हैं।

फाउंडर - रत्नेश सोराठिया

7 एसियन सोल्यूशन – स्टार्टअप न्यूज के लिए प्लेटफार्म है

फाउंडर - दीपांशु अग्रवाल

8 अक्षर अवेकनिंग इंडिया प्रा. लि. – डिजिटल सिग्नेचर, रिचार्च, मनी ट्रांसफर, एमएसएमई रजिस्ट्रेशन जैसी सर्विस अपने ऑनलाइन सेंटर्स से देते हैं।

फाउंडर - प्रताप

9 एंसोज क्रिएशन प्रा. लि.

फाउंडर - सुनील कुमार

10 लुसिड एजुकेशन ग्रुप – कॉलेज छात्रों को वीडियोज के जरिए स्किल्स दे रहे हैं।

फाउंडर - शाहरुख रहमान

11 प्रिसाइज ड़िजाइन ऑटोमेशन कंसल्टेंट – कैड सॉफ्टवेयर का अपग्रेडेड वर्जन तैयार किया है। इंडस्ट्रियल इस्तेमाल के लिए कारगर।

फाउंडर - मनीष जरगर

12 गाड़ीरिपेयर – कार और टू व्हीलर मैटेनेंस सर्विस। 24 घंटे रोड साइड असिस्टेंस दिया जाता है।

फाउंडर – गणेश

13 इंफीएम्प – स्मार्ट स्ट्रीट सोलर लाइट बनाई है। सोलर से संबंधित और भी नए उपकरण तैयार कर रहे हैं।

फाउंडर - अब्दुल राशिद

14 अकाउंटेंट लालाजी – बिलिंग सॉफ्टवेयर कम्पनी है। ईआरपी और जीएसटी बिलिंग के लिए सॉफ्टवेयर बनाया है।