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नए कृषि विधेयक किसानों को कारोबारी गुटों से आजाद करेंगे: एफएआइएफए
September 22, 2020 • SRISHTI SHARMA • बिज़नेस

                           

नए कृषि विधेयक किसानों को कारोबारी गुटों से आजाद करेंगे: एफएआइएफए

नई दिल्ली : आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, गुजरात आदि राज्यों में वाणिज्यिक फसलों के लाखों किसानों और खेत श्रमिकों के हितों के लिए प्रतिनिधि गैर-लाभकारी संगठन फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया फार्मर एसोसिएशंस (एफएआईएफए) संपूर्ण कृषक समुदाय की ओर से संसद में ऐतिहासिक कृषि विधेयकों को पारित कराने को लेकर माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार की दूरदर्शिता के लिए धन्यवाद देता है। बतौर एफएआइएफए हमारा मानना है कि नए कानूनों से किसानों को अलग-अलग राज्यों में अपनी उपज बेचने की आजादी मिलेगी। इससे किसानों को अपनी उपज के लिए खुद व्यापारी बनने की ताकत मिलेगी और वह खरीदबिक्री की पूरी प्रक्रिया को नियंत्रित कर सकेगा। सरकार द्वारा पारित ये नए विधेयक आगे चलकर किसानों की समृद्धि एवं उनकी आय को दोगुना करने की दिशा में अहम पड़ाव साबित होंगे। इन विधेयकों से कृषक समुदाय के लिए टिकाऊ एवं लाभदायक भविष्य सुनिश्चित होगा

एफएआईएफए सरकार द्वारा पारित कराए गए विधेयकों के पक्ष में और इन्हें भारत में कृषि आधारित अर्थव्यब था को विकसित करने की दिशा में उत्प्रेरक की तरह देखता है। कृषि उत्पाद व्यापार एवं वाणिज्य (संवर्धन एवं सुविधा) विधेयक, 2020 'एक भारत, एक कृषि बाजार' की दिशा में ऐतिहासिक कदम है और इससे देश में एक बड़े और विनियमित कृषि बाजार का रास्ता खुलेगा। इससे किसनों के समक्ष ज्यादा विकल्प खुलेंगे, मार्केटिंग की लागत कम आएगी और किसानों को उनकी उपज के लिए बेहतर मूल्य मिलना सुनिश्चित हो सकेगा। विवादों के निपटारे के लिए एक अलग व्यब था बनने से यह प्रभावी तरीके से गुटबाजी को खत्म करने में मदद करेगा। किसान (सशक्तीकरण एवं संरक्षण) मूल्य आश्वासन अनुबंध एवं कृषि सेवाएं विधेयक, 2020 भारतीय कृषि उत्पादों के लिए वैश्विक बाजार तक सप्लाई चेन बनाने की दिशा में निजी क्षेत्र से निवेश आकर्षित करने में मददगार होगा और इससे किसान प्रोसेसर, एग्रीगेटर, ट्रेडर, होलसेलर, बड़े रिटेलर और निर्यातकों से जुड़ने में सक्षम हो सकेंगे।

इन विधेयकों के लाभ पर टिप्पणी करते हुए फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया फार्मर एसोसिएशंस (एफएआईएफए) के प्रेसिडेंट श्री बी. वी. जावरे गौड़ा ने कहा, 'नए कानूनों से एक ऐसी व्यब था बनेगी जिसमें किसान एवं व्यापारी कृषि उत्पादों की खरीद एवं बिक्री के मामले में विकल्प चुनने के लिए आजाद होंगे और राज्य के भीतर एवं बाहर राज्य कृषि उत्पाद विपणन कानून के तहत नोटिफाइड बाजारों की सीमा से परे बंधनमुक्त व्यापार एवं कारोबार को बढ़ावा मिलेगा। समय की मांग को देखते हुए सरकार की ओर से उठाए गए ये कदम किसानों के लिए एक पारदर्शी बाजार बनाने में अहम साबित होगाएक ऐसा बाजार जहां उन्हें व्यापार की आजादी के दम पर उपज की सही कीमत मिल सकेगी और उनकी आय बढ़ेगीये ऐसे फैसले हैं जो भारत में कृषि आधारित अर्थव्यब था को विकसित करने की दिशा में अहम कदम साबित होंगे, जहां हर कदम पर किसानों के हितों का ध्यान रखा जाएगा।'

इस कृषि सुधारों पर सरकार को बधाई देते हुए एफएआईएफए के राष्ट्रीय प्रवक्ता यशवंत चिदिपोतु ने कहा, 'सरकार द्वारा घोषित दूरदर्शी एवं किसान केंद्रित नीतियों एवं सुधारों के लिए कृषक समुदाय हमेशा ऋणि रहेगा। हमारा मानना है कि ये विधेयक सहजता से एवं प्रभावी तरीके से किसानों को उनकी उपज का व्यापार करने का मौका देंगे। किसान अपनी फसल उपजा सकेंगे और कुशल व्यापारी तरह सही कीमत प्राप्त कर सकेंगे।'

एफएआईएफए का मानना है कि ये कृष आधारित नियम भारत के कृषि क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाएंगे और आने वाली पीढ़ियों को खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित करेंगे। हमें आशा है और हम उम्मीद करते हैं कि हमारे किसानों के हित में सरकार का सहयोग आगे भी बना रहेगा और यह संबंध और भी प्रगाढ़ होगा।