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स्कोप महाविद्यालय में शिक्षक समग्र व्यक्तित्व विकास कार्यशाला का समापन
February 10, 2020 • SRISHTI SHARMA • शिक्षा
स्कोप महाविद्यालय में शिक्षक समग्र व्यक्तित्व विकास कार्यशाला का समापन


भोपाल. विगत तीन दिनों से स्कोप कालेज आफ इंजीनियरिंग महाविद्यालय में चल रही विस्तृत कार्यशाला- शिक्षक समग्र व्यक्तित्व विकास कार्यशाला का समापन बड़े ही क्रमबद्ध तरीके से किया गया। इस कार्यक्रम की शुरूआत बड़े ही पारम्परिक तरीके की गई थी।
यह कार्यक्रम छः सत्रों में सम्पन्न हुआ प्रत्येक सत्र में भोपाल शहर के विभिन्न विधाओं के विद्धानों ने अपने अनुभवों को विस्तार से साझा किया।  
कार्यशाला के पहले सत्र में आज के परिवेश में शिक्षा व्यवस्था में प्रायोगिक शिक्षा व दिन-प्रतिदिन स्वयं को समय के साथ परिष्कृत करते रहने पर बल दिया-पिछड़ी जाति विभाग के सह संचालक श्री अनिल सोनी जी ने कार्यशाला की शुरूआत बड़े ही प्रभावी अंदाज से की।
दूसरे सत्र में शिक्षक के समग्र व्यक्तित्व विकास में भारतीय परम्पराओं खासकर गायत्री मंत्र व सूर्य आराधना की महत्ता को स्थापित किया- डाॅ. अशोक नेमा जी ने जो कि नूतन कालेज में वरिष्ठ प्रोफेसर है।
तीसरे सत्र में जीवन में दिन-प्रतिदिन उत्पन्न होने वाले तनाव व चिन्ता को किस तरह से कम करे तथा उसके स्वस्थ व बेहतर जीवन जीते हुये अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकें। इस बारे में विस्तार से देश के जाने माने डाॅ. विनय मिश्रा जी ने समझाया जो कि बी.एस.एस.एस. कालेज भोपाल में प्रोफेसर है।
चैथे सत्र में वर्तमान समय की जरूरतों को ध्यान में रखते हुये उन्नत व प्रभावी शिक्षा पद्धति एवं समय के साथ सामंजस्य कैसे बनाया जाये इस विषय पर बड़े ही वैज्ञानिक तरीके से डाॅ. शोभना श्रीवास्तव ने समझाया जो कि सत्यसाई कालेज भोपाल में प्रोफेसर है।
पाॅचवे सत्र में भोपाल शहर के जाने-माने उद्योगपति व लाईफ कोच श्री राजीव अग्रवाल जी ने कार्य व जीवन के संतुलन के बारे में एक अद्वितीय प्रस्तुतीकरण से संस्था के खचाखच भरे हुये सभागार में सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनका वक्तव्य सभी को अपना सा लगा।
अंतीम सत्र में संस्था के ग्रुप संचालक डाॅ. देवेन्द्र सिंह ने सभी को बड़े ही सहज तरीके से जटिलतम विषय-जीवन के रहस्य को समझाया। उन्होंने उपस्थित अतिथि, शिक्षकगण, छात्र-छात्राओं सभी को बताया कि जीवन में अपने व्यक्तित्व के विकास के लिये किस तरह आसानी से आध्यात्म को दिन-प्रतिदिन की दिनचर्या में शामिल किया जा सकता है। इस बात को विस्तार से समझाया। सभी उपस्थित लोगों ने इस प्रयास को बहुत सराहा। संस्था की टी. एण्ड पी. डायरेक्टर डाॅ. मोनिका सिंह ने सभी को बहुत-बहुत धन्यवाद दिया और सभी के समग्र व्यक्तित्व विकास की कामना की।